मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का फैसला पलटा

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अपर सत्र न्यायाधीश शमशेर अली की अदालत ने छेड़छाड़ के मामले में आरोपी को दोषमुक्त करने के आदेश पारित किए। जबकि सीजेएम की अदालत ने उसे आरोप सिद्ध करते हुए एक साल की सजा सुनाई थी।

गाजली, तुपेड़ गांव के कमल पांडे पुत्र नवीन चंद्र पर आरोप था कि 22 सितंबर 2016 में उसने एक महिला के साथ छींटाकसी की। आरोप था कि महिला के पिता ने विरोध करने पर वह उनके साथ मारपीट और गालीगलौज पर उतारू हो गया था। जिसके बाद यह मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चला। यहां से आरोपी को 24 मार्च 2018 को एक साल की साल सुनाई गई। इसके साथ ही 3500 रुपये का अर्थदंड से भी दंडित किया गया था। इसके बाद आरोपी ने अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत का दरवाजा खटखटाया। अधिवक्ता नरेंद्र कोरंगा ने मामले की पैरवी की। उन्होंने बताया कि सोमवार को अपर सत्र न्यायाधीश ने उसे दोषमुक्त कर दिया है।

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