देहरादून, 9 सितंबर 2026। जनपद में ऋण और ऋण बीमा से जुड़े फर्जीवाड़े की शिकायतों पर जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सख्त रुख अपनाया है। बुधवार को एनबीएफसी एवं एचएफसी प्रतिनिधियों के साथ बैठक में ऋण वितरण, एजेंटों की भूमिका और रिकवरी व्यवस्था की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने, शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने और अनियमितता मिलने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
देहरादून, 9 सितंबर 2026। नीरज उत्तराखंडी। जनपद में ऋण एवं ऋण बीमा से जुड़े फर्जीवाड़े की लगातार मिल रही शिकायतों को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने गंभीरता से लिया है। बुधवार को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में एनबीएफसी एवं एचएफसी प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें ऋण वितरण प्रक्रिया, एजेंटों की भूमिका, रिकवरी व्यवस्था और फर्जीवाड़े से जुड़ी शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की गई।
हर माह होगी संदिग्ध मामलों की समीक्षा: प्रभावी निगरानी के लिए एलडीएम को संबंधित विभागों और वित्तीय संस्थाओं के प्रतिनिधियों की समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। समिति संदिग्ध ऋण मामलों, शिकायतों और एजेंटों की गतिविधियों की नियमित समीक्षा करेगी। गंभीर मामलों में आवश्यकता के अनुसार एसआईटी जांच भी कराई जाएगी तथा दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई होगी।
ऋण लेने की क्षमता की जांच जरूरी: जिलाधिकारी ने वित्तीय संस्थाओं को ऋण स्वीकृत करने से पहले आवेदक की ऋण चुकाने की क्षमता और दस्तावेजों की उचित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि कई मामलों में व्यक्ति की आर्थिक एवं पुनर्भुगतान क्षमता की उचित जांच किए बिना एजेंटों के माध्यम से ऋण स्वीकृत किए जाने की शिकायतें मिली हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्था या प्रबंधन की संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित प्रबंधक और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। सभी एनबीएफसी एवं एचएफसी को वितरित ऋण और लंबित रिकवरी मामलों की विस्तृत सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके आधार पर प्रशासन संदिग्ध मामलों की जांच करेगा।
एसडीएम स्तर पर बनेगी टास्क फोर्स: जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को अपने क्षेत्रों में टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए हैं। टीम एनबीएफसी, एचएफसी, मनीलेंडरों और ऋण के नाम पर सक्रिय एजेंटों की जानकारी जुटाकर संदिग्ध एजेंसियों एवं फर्जी नेटवर्क की पहचान करेगी। ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई के साथ आरबीआई के प्रतिनिधियों से भी आवश्यक सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जाएगा।
डीएम ने कहा कि ऋण दिलाने के नाम पर लोगों को भ्रमित कर उनकी आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाने वाले एजेंटों और बिचौलियों के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन आमजन के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और आर्थिक धोखाधड़ी में शामिल दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम मुख्यालय रविन्द्र ज्वांठा, लीड बैंक प्रबंधक राजीव भाटिया, आरबीआई प्रतिनिधि भरत कुमार समेत विभिन्न एनबीएफसी एवं एचएफसी के प्रतिनिधि मौजूद रहे।




