कंधों में बार-बार होने वाला दर्द अक्सर मांसपेशियों में खिंचाव, गलत पॉश्चर, अधिक व्यायाम, कंधे के जोड़ की समस्या या नसों पर दबाव जैसी सामान्य वजहों से हो सकता है। लेकिन अगर दर्द लगातार बना रहे, धीरे-धीरे बढ़ता जाए या आराम करने के बावजूद कम न हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
ट्रांसपोर्टरों की समस्याओं को लेकर परिवहन मंत्री से मिला देवभूमि ट्रक ओनर महासंघ, OTS योजना लागू करने की मांग
हड्डी से शुरू होने वाला कैंसर यानी प्राइमरी बोन कैंसर काफी दुर्लभ होता है। केवल कंधे में दर्द होना अपने आप में कैंसर का संकेत नहीं माना जाता। हालांकि, कुछ ऐसे लक्षण हैं जिनकी स्थिति में डॉक्टर से जांच कराना जरूरी हो जाता है।
कब हो सकती है चिंता की बात?
विशेषज्ञों के अनुसार यदि कंधे या किसी हड्डी का दर्द:
- लगातार बना रहे या समय के साथ बढ़ता जाए
- रात में या आराम करते समय ज्यादा महसूस हो
- प्रभावित जगह पर सूजन या गांठ दिखाई दे
- कंधे या हाथ की मूवमेंट लगातार कम होती जाए
- बिना किसी बड़ी चोट के हड्डी कमजोर होकर टूट जाए
- इसके साथ बिना वजह वजन कम होना, अत्यधिक थकान या रात में पसीना आने जैसी समस्या हो
तो चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है।
हर कंधे का दर्द कैंसर नहीं
बार-बार कंधे का दर्द होने के पीछे टेंडोनाइटिस, बर्साइटिस, फ्रोजन शोल्डर, आर्थराइटिस, गलत पॉश्चर या जिम में अधिक वजन उठाना जैसी कई सामान्य वजहें हो सकती हैं। इसलिए दर्द को देखकर खुद से कैंसर की आशंका मान लेना सही नहीं है।
CM धामी ने शिक्षकों को किया सम्मानित, मेधावी छात्रों को मिली छात्रवृत्ति; बोले- शिक्षक बनाते हैं देश का भविष्य
यदि कंधे का दर्द दो सप्ताह से ज्यादा समय तक बना रहे या बढ़ता जाए, तो डॉक्टर से जांच कराने की सलाह दी जाती है। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर शारीरिक जांच के बाद X-ray या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं।
कब तुरंत चिकित्सा सहायता लें?
अगर अचानक बहुत तेज दर्द हो, हाथ हिलाना मुश्किल हो, कंधे में गंभीर सूजन या आकार में बदलाव हो, लगातार सुन्नपन हो या दर्द के साथ सीने में दर्द/सांस लेने में परेशानी हो, तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।




