1 नवंबर से देशभर में लागू हुए कई बड़े बदलाव, LPG से लेकर टोल और वाहनों के नियमों तक बदली व्यवस्था; जानिए आप पर क्या होगा असर
नई दिल्ली। नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही 1 नवंबर 2026 से देश में कई महत्वपूर्ण नियमों और व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। इनका असर आम नागरिकों के घरेलू खर्च, कारोबार, सड़क यात्रा और रोजमर्रा की सुविधाओं पर देखने को मिल सकता है। नए बदलावों में रसोई गैस की कीमतों की समीक्षा, टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले लोगों के लिए विशेष सालाना पास, दिल्ली में पुराने वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध और मोबाइल कॉल पर कॉलर का नाम दिखाने जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
इसके साथ ही तमिलनाडु में शराब की दुकानों पर भुगतान के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं। जीएसटी व्यवस्था से जुड़े प्रावधानों और मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए लिंक पर यातायात संबंधी नियमों में भी बदलाव हुआ है। ऐसे में महीने की शुरुआत से लागू इन व्यवस्थाओं को जानना जरूरी है। आइए, एक-एक करके समझते हैं कि 1 नवंबर से क्या-क्या बदल गया है।
1. घरेलू LPG उपभोक्ताओं को राहत, कमर्शियल सिलेंडर हुआ महंगा
हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। नवंबर की शुरुआत में भी नई दरें जारी की गई हैं। इस बार घरेलू रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के LPG सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है और उनके रसोई बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है।
हालांकि, व्यावसायिक इस्तेमाल में आने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत बढ़ाई गई है। इसका असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और अन्य खाद्य कारोबार से जुड़े प्रतिष्ठानों पर पड़ सकता है। वहीं, विमानन क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भी मासिक समीक्षा के तहत संशोधन किया गया है।
2. टोल प्लाजा के आसपास रहने वालों के लिए सालाना पास की सुविधा
राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित टोल प्लाजा के नजदीक रहने वाले निजी वाहन मालिकों को अब बार-बार टोल भुगतान से राहत देने के लिए विशेष लोकल पास की सुविधा दी गई है। नई व्यवस्था के तहत टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र गैर-व्यावसायिक वाहन मालिक इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।
पास के लिए सालाना शुल्क टोल प्लाजा की लोकेशन के आधार पर निर्धारित किया गया है। नगरपालिका या स्थानीय कस्बे की सीमा से बाहर स्थित टोल प्लाजा के लिए 1,500 रुपये और इन सीमाओं के भीतर आने वाले टोल प्लाजा के लिए 3,000 रुपये सालाना शुल्क तय किया गया है।
इस सुविधा के लिए वाहन पर वैध और सक्रिय FASTag होना अनिवार्य है। ध्यान देने वाली बात यह है कि लोकल पास केवल संबंधित टोल प्लाजा पर ही मान्य होगा। इससे देश के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं मिलेगी। पात्र टोल प्लाजा पर यह व्यवस्था 1 नवंबर से लागू है, जबकि राजमार्ग यात्रा ऐप के जरिए आवेदन की सुविधा 1 दिसंबर 2026 से शुरू होगी।
3. दिल्ली में गैर-BS6 वाहनों के प्रवेश पर सख्ती
राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले पुराने वाहनों पर भी सख्ती की गई है। नई व्यवस्था के तहत दूसरे राज्यों में पंजीकृत BS6 से कम मानक वाले पेट्रोल और डीजल वाहनों के दिल्ली में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है।
यह व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेगी। हालांकि, निर्धारित शर्तों के अनुसार BS6 श्रेणी के वाहनों के साथ CNG और इलेक्ट्रिक वाहनों को छूट दी गई है। वाहन चालकों के लिए वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) रखना भी जरूरी होगा।
इसके अलावा दूसरे राज्यों से आने वाली गैर-BS6 डीजल बसों और कुछ श्रेणियों के मालवाहक वाहनों पर भी निर्धारित प्रतिबंध लागू होंगे। दिल्ली जाने की योजना बना रहे वाहन चालकों को सलाह है कि यात्रा शुरू करने से पहले अपने वाहन का उत्सर्जन मानक और जरूरी दस्तावेज जरूर जांच लें।
4. मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए लिंक पर लागू हुए नए ट्रैफिक नियम
मुंबई और पुणे के बीच सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए भी 1 नवंबर से नई यातायात व्यवस्था लागू की गई है। मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए कनेक्टिंग लिंक यानी मिसिंग लिंक पर वाहनों की आवाजाही को लेकर अलग-अलग श्रेणियों के लिए नियम निर्धारित किए गए हैं।
महाराष्ट्र हाईवे पुलिस के निर्देशों के अनुसार, इस नए मार्ग पर सभी तरह के मालवाहक वाहनों को चलने की अनुमति नहीं होगी। इसमें छोटे व्यावसायिक वाहन, पिकअप वैन और टाटा ऐस जैसे वाहन भी शामिल हैं। ऐसे वाहनों को पहले की तरह एक्सप्रेसवे के पुराने मार्ग से ही आवागमन करना होगा।
वहीं, निजी कारों और अन्य हल्के यात्री वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। यात्री बसें अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी। यह व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी।
5. तमिलनाडु में शराब खरीदने पर डिजिटल भुगतान का नियम
तमिलनाडु में सरकारी शराब दुकानों पर खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए भुगतान से संबंधित नया नियम लागू किया गया है। तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (TASMAC) ने निर्देश जारी करते हुए 1,000 रुपये से अधिक की शराब खरीद पर डिजिटल भुगतान अनिवार्य कर दिया है।
अब निर्धारित सीमा से अधिक की खरीदारी करने वाले ग्राहक नकद के बजाय UPI, डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भुगतान कर सकेंगे। इस व्यवस्था को लागू करने के लिए दुकानों पर बैंक से जुड़ी POS मशीनों की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसका उद्देश्य लेनदेन को अधिक पारदर्शी बनाना और नकद भुगतान पर निर्भरता कम करना है।











