चंपावत को आदर्श जिला बनाने की दिशा में बड़ा कदम, सीएम धामी ने 20 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण और शिलान्यास
चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत को आदर्श जिला बनाने के संकल्प को दोहराते हुए जिले को विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने अपने चंपावत दौरे के दौरान करोड़ों रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक ग्राम सभा के विकास के लिए 10-10 लाख रुपये देने और अधिवक्ता चैंबर के निर्माण की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का मुख्य उद्देश्य आम नागरिक के जीवन को सरल, सुगम और सुविधाजनक बनाना है। सरकार इसी लक्ष्य के साथ बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने और विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए लगातार काम कर रही है।
रविवार को चंपावत में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सर्किट हाउस में बार संघ के शपथ ग्रहण समारोह में प्रतिभाग किया। उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई और उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने जिले की 20 महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास कर विकास कार्यों को गति देने का संदेश दिया। ग्राम सभाओं के विकास के लिए 10-10 लाख रुपये देने की घोषणा को स्थानीय स्तर पर बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। साथ ही, अधिवक्ताओं के लिए चैंबर निर्माण की घोषणा से न्यायिक व्यवस्था से जुड़े लोगों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने चंपावत में संचालित बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि जिले में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 66 करोड़ रुपये की लागत से ड्रेनेज प्लान पर काम किया जा रहा है। वहीं, पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 240 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न कार्य गतिमान हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर सड़कें, पर्याप्त पार्किंग, सुचारु पेयजल आपूर्ति और मजबूत परिवहन व्यवस्था किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए बेहद जरूरी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए चंपावत में सड़कों के चौड़ीकरण, पार्किंग सुविधाओं के विस्तार, रोडवेज और अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) के निर्माण जैसे कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलें और जिले में पर्यटन एवं आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिले।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने प्रदेश में युवाओं के रोजगार और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नकल माफिया पर अंकुश लगाने और भर्ती प्रक्रियाओं को पारदर्शी बनाने के लिए सख्त नकलरोधी कानून लागू किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस कानून के लागू होने के बाद अब तक 35 हजार युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी नौकरियां मिली हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है और भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं को रोकने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में तेजी से हो रहे विकास कार्यों को देखकर विपक्ष असहज है और जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि, सरकार विकास और जनकल्याण के एजेंडे से पीछे हटने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष की नकारात्मक राजनीति का जवाब सरकार अपने कार्यों और जनहितकारी योजनाओं के माध्यम से देगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि चंपावत को आदर्श जिला बनाने के लिए बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, आधारभूत ढांचे को मजबूत करने और जनसुविधाओं में सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सीएम धामी ने कहा कि राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड की अस्मिता की रक्षा, प्रदेश के चहुंमुखी विकास और आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। चंपावत में जारी विकास परियोजनाओं और नई घोषणाओं के जरिए सरकार जिले को विकास के नए आयाम तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से चंपावत को एक विकसित और आदर्श जिले के रूप में स्थापित करने के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।












