काफी मशक्कत के बाद हरिशंकर ने ऑटो की व्यवस्था की और बेटे को अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने कपिल को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का आरोप है कि हादसे के बाद यदि समय रहते पुलिस या मौके पर मौजूद लोगों की मदद मिल जाती और बच्चे को तत्काल अस्पताल पहुंचाया जाता, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी। हादसे के बाद घटना स्थल पर मौजूद लोगों की संवेदनहीनता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।




